
बेंगलुरु : भारत के ग्रामीण उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र की जीवंतता बेंगलुरु में प्रदर्शित हुई, जब ग्रामीण महिला उद्यमिता को समर्पित एक दिवसीय प्रदर्शनी ‘वी उत्सव’ कोरमंगला इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन अहमदाबाद स्थित उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) के सहयोग से वीएक्ट द्वारा किया गया था।प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. सुनील शुक्ला (महानिदेशक, ईडीआईआई) ने डैनियल थॉमस (उपाध्यक्ष, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व), प्रो. डॉ. यतींद्र एल (निदेशक – एनआईएफटी), पिनाकी श्रीमानी (सह-उपाध्यक्ष, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व), सुनील कुमार (संयुक्त निदेशक, डीआईसी, बेंगलुरु), सुश्री कीर्तिका थारन (संस्थापक, हेप्टा सेन्ज़) और डॉ. रमन गुजराल (निदेशक, सीएसआर पार्टनरशिप विभाग, ईडीआईआई) की उपस्थिति में किया। ‘वी उत्सव’ ने 15 राज्यों की ग्रामीण महिला उद्यमियों को एक साथ लाया और लगभग 2,000 से अधिक आगंतुकों की उपस्थिति दर्ज की।

10,00,000 रुपये के विक्रय के साथ, प्रदर्शनी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में निहित हस्तनिर्मित, शिल्प-आधारित और टिकाऊ उत्पादों की एक जीवंत श्रृंखला प्रस्तुत की।इस अवसर पर डॉ. सुनील शुक्ला, महानिदेशक, उद्यमिता विकास संस्थान, भारत ने कहा कि “’वी उत्सव’ पूरे भारत की महिला उद्यमियों की शक्ति को दर्शाता है, जो अपने उद्यम, संस्कृति और नवाचार को एक राष्ट्रीय मंच पर लाती हैं। ईडीआईआई में, हम बाजार तक पहुंच को सक्षम बनाने, मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने और सही सहायता प्रणाली प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले व्यवसाय एक निर्धारित समय सीमा के भीतर टिकाऊ और विस्तार योग्य बन सकें।”इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास से सतत उद्यमिता की ओर आकृषित करना था, जिसमें आजीविका सृजन, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमों के लिए बाज़ार तक पहुंच पर ज़ोर दिया गया।