
बेंगलुरु : एसवीसी बैंक, जिसे पूर्व में शामराव विट्ठल सहकारी बैंक लिमिटेड के नाम से थी, भारत का एक बहु-राज्यीय अनुसूचित बैंक है। बैंक ने अपना स्थापना दिवस मनाते हुए 120वें वर्ष में प्रवेश का प्रतीक नैतिक बैंकिंग, ग्राहक केंद्रियता और समावेशी वित्तीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को बताया। 1906 में स्थापित बैंक ने बदलते समय के साथ विकसित होते हुए व्यक्तियों, व्यवसायों और समुदायों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहकारी भावना को निरंतर बनाए रखा है।
इस अवसर पर बोलते हुए, एसवीसी बैंक के अध्यक्ष, दुर्गेश चंदावरकर ने कहा, “120वें वर्ष में हमारी यात्रा पीढ़ियों से हमारे ग्राहकों, सदस्यों और हितधारकों द्वारा हम पर जताए गए विश्वास और भरोसे को दर्शाती है। इस दीर्घकालिक जुड़ाव ने हमारे मूल्यों को आकार दिया है और सहकारी बैंकिंग के प्रति हमारे दृष्टिकोण का मार्गदर्शन किया है। इस विरासत का सम्मान करते हुए और इस पर विचार करते हुए, हम सुशासन को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और दक्षता एवं ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का जिम्मेदारी पूर्वक उपयोग करने पर दृढ़ता के प्रति संकल्पित हैं। इन्हीं सिद्धांतों से प्रेरित होकर, हम एक ऐसे लचीले और भविष्य के लिए तैयार सहकारी बैंक के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं जो सतत विकास को बढ़ावा देता रहे और हमारे हितधारकों की बदलती अपेक्षाओं को पूरा करता रहे।”