‘दर्द और गतिहीनता से लेकर टीसीएस-10के दौड़ में भागीदारी तक’

बेंगलुरु : फोर्टिस अस्पताल, बैनरघट्टा रोड के चार मरीजों ने टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक टीसीएस वर्ल्ड 10के रन बेंगलुरु 2026 में भाग लेकर अपनी रिकवरी और दृढ़ता का शानदार उदाहरण पेश किया। कभी गंभीर दर्द और सीमित गतिशीलता से जूझ रहे इन मरीजों ने अब 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली है, जो सक्रिय और स्वतंत्र जीवन की ओर उनकी वापसी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी कहानियां बता रही हैं कि उन्नत ऑर्थोपेडिक देखभाल, दृढ़ संकल्प के साथ मिलकर, व्यक्तियों को न केवल गतिशीलता, बल्कि आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता भी वापस पाने में मदद कर सकती है।इनमें 71 वर्षीय बसंगौड़ा भी शामिल हैं, जो एक दशक से अधिक समय से घुटने के पुराने दर्द से पीड़ित थे। रोजमर्रा के साधारण काम करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया था, उन्होंने फोर्टिस अस्पताल में दोनों घुटनों का टोटल नी रिप्लेसमेंट करवाया। जिन्होंने गर्व से 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी की।इसी तरह, 42 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप कुमार सतानी लगभग दो वर्षों से जोड़ों के बढ़ते दर्द से जूझ रहे थे, जिसने उनके दैनिक जीवन और आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया था। फोर्टिस बैनरघट्टा रोड स्थित अस्पताल में दोनों कूल्हों की रोबोटिक डायरेक्ट एंटीरियर टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद, वे दर्दमुक्त और सक्रिय जीवनशैली में लौट आए। 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करना न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ भावनात्मक परिवर्तन का भी प्रतीक था, क्योंकि वे इसे “फिर से पूर्ण महसूस करना” बताते हैं।बेंगलुरु की 30 वर्षीय भुवनेश्वरी होसकाती को एक समय लगातार दर्द की समस्या थी। दोनों कूल्हों की रोबोटिक डायरेक्ट एंटीरियर टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद, अब वे दर्द से मुक्त हैं। रोजमर्रा के कामों में संघर्ष करने से लेकर 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने तक, उनकी यह यात्रा दृढ़ संकल्प और नई ताकत का प्रतीक है।

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