विजय संभव फाउंडेशन को मिला न्यू होराइजन गुरुकुल के छात्रों से उपहार

बेंगलुरु : विजय संभव फाउंडेशन (वीएसएफ) को न्यू होराइजन गुरुकुल स्कूल में आयोजित उपहार 4.0 – द आर्ट ऑफ गिविंग कार्यक्रम में छात्रों द्वारा संचालित स्टॉलों से एकत्र रा​शि का चेक सौंपा। यह मूल्य-आधारित पहल युवाओं के नेतृत्व वाली कोशिशों की शक्ति को द​र्शाती है जिसमें युवावस्था से ही उदारता, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देती है।

वीएसएफ के अध्यक्ष रवि राजहंस ने समूह का स्वागत किया और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा स्थिरता में फाउंडेशन के मिशन की रूपरेखा प्रस्तुत की। अपनी अनूठी मॉडल में, वीएसएफ पूरी तरह से पेशेवरों द्वारा संचालित है जो 5 दिन कार्यालय में काम करते हैं और सप्ताहांत समाज सेवा। उन्होंने स्कूल के छात्रों की सराहना की जिन्होंने स्टॉलों का पूर्ण प्रबंधन किया, जो सामूहिक प्रयास और सार्थक योगदान का प्रतीक है। राजहंस ने कहा कि यह एक महान संस्कृति है जो समाज के प्रति जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करते हुए दान की भावना को स्थापित करती है।

मुख्य अतिथि मिलिंद गोखले ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे दान को केवल दान नहीं बल्कि जीवनभर का मूल्य मानें जो जिम्मेदार और करुणामय नागरिक बनाता है। ऐसे कार्यक्रम कक्षा से परे सहानुभूति और जागरूकता कैसे विकसित करते हैं यह संगीता और शैलेजा ने बताया।

वीएसएफ ने इस अवसर पर अपने मिशन #वीएसएफ प्लेज नो टू प्लास्टिक के बारे में भी बताया जो पिछले 2 वर्षों से ग्रीन सस्टेनेबिलिटी कार्यक्रम के तहत सक्रिय पहल है, जिसका नेतृत्व रवि राजहंस और समर्पित वीएसएफ टीम द्वारा किया जा रहा है। छात्रों ने सामूहिक रूप से प्रतिज्ञा ली, साथ ही सभी को प्लास्टिक न्यूनीकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इको-फ्रेंडली कॉटन बैग वितरित किए।

कार्यक्रम का संचालन सोनल किर्ती ने किया। वीएसएफ स्वयंसेवी सोनल किर्ती, जितेंद्र कुमार, नीतेश नाथ, जॉन ब्रिटो, कैरोल ब्रिटो, विजय शंकर गुप्ता, योगेंद्र अग्रहरी, प्रीतम कुमार और हिमांशु आदि ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। जितेंद्र कुमार ने वीएसएफ की ओर से धन्यवाद ज्ञापन दिया, गुरुकुल परिवार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा मन द्वारा सार्थक कार्य कैसे स्थायी सामाजिक प्रभाव पैदा करते हैं।

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